Plastic Ke Hanikarak PrabhavYe Prathivi Ko Kis Prakar Nast Kar Raha Hai Jane ?? [ प्लास्टिक प्रथिवि को किस प्रकार नस्ट करता है जाने ?]
प्लास्टिक एक ऐसा तत्व जो कभी ना मिटने के लिए मशहूर है जब से हमारी पृथ्वी नहीं इस तत्वों का आविष्कार हुआ है इसमें पूरी मानव जाति को नष्ट करने का बीड़ा उठा रखा है यह एक ऐसा तत्व है जो पृथ्वी के हर गांव को प्रभावित करता है
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| Plastic ke hanikarak prabhav |
यह नष्ट होने में इतना समय लेता है कि पृथ्वी का हार कर अपने आप क्षमता को छोड़ देता है पता नहीं मानव जाति में अपनी सुविधा के लिए इसके लिए बनाया या फिर अपनी खात्मा के लिए आज हमारा देश गरीब भी है और पिछड़ा हुआ भी और इस देश में प्लास्टिक का उपयोग बहुत ही धड़ल्ले से होता है प्लास्टिक का उपयोग हर छोटे-बड़े कामों में होता है
यह प्लास्टिक की उपयोगिता को समझाता है मानव जाति ने प्लास्टिक को अपने जीवन में इस प्रकार डाल लिया है कि वह प्लास्टिक से दूर नहीं रहना चाहता परंतु मानव जाति को यह समझना होगा यह प्लास्टिक उनके लिए वरदान नहीं अभिशाप है और वह इस से जितना ही दूर रहे उतना ही स्वस्थ रहेंगे अन्यथा मानव जाति का खात्मा होने से कोई नहीं बचा सकता
प्लास्टिक एक ऐसा तत्व है जिससे मिटाने का भरकम प्रयास किया जाता है परंतु वह किसी न किसी रूप से हमेशा सामने आ जाता है मानव जीवन में प्लास्टिक को अपने जीवन में इस प्रकार डाल दिया है कि वह इन प्लास्टिक के टुकड़ों से विभिन्न प्रकार के उपकरणों का उपयोग कर रहा है और यह मानव जीवन के लिए किसी भी प्रकार से ठीक नहीं है
मानव जीवन को समझना चाहिए की प्लास्टिक का दुष्प्रभाव कितना है और यह पल पल कई गंभीर समस्याओं को उत्पन्न कर रहा है आज हमारे देश में जितने कि स्वस्थ लोग नहीं हैं उससे ज्यादा किसी ना किसी बीमारी से और बड़ी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति हैं इसका क्या कारण है इसका किसी हद तक कारण यह प्लास्टिक भी है आज कैंसर जैसी समस्याएं लोगों में आम हो गई हैं\
देखे और कुछ रोचक तथ्य
इन समस्याओं का समाधान लोगों के पास नहीं है बस वह अपने आप को मरता हुआ तेल तेल देख सकते हैं मानव जाति को अपनी दिनचर्या से लेकर सभी दुष्प्रभाव करने वाली चीजों को बदलना होगा उनमें से एक प्लास्टिक भेजें जो मानव जाति को अंदर से खोखला कर दे आज खाने से पीने हर चीज के ले प्लास्टिक का उपयोग होता है
यह मानव जीवन के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खराब है और इसको मानव जीवन ही बदल सकता है इस को बदलना होगा हमें हमारे पुराने ट्रेडिशनल फॉर्म में लौटना होगा तभी बीमारियां कम हमें टेक्नोलॉजी में आगे तो बढ़ना होगा मगर हमें खाने पीने में अपना देसी तरीका अपनाया रहना होगा यही जीवन का सही मूल्य है
निकर्ष
आपको यह समझना होगा कि प्लास्टिक हमारे लिए हमारे परिवार के लिए कितना घातक है प्लास्टिक को हमें कम से कम उपयोग करना होगा और मैं एक लेखक आपको हमेशा सही सलाह देते हुए खुद भी इसी नियम का पालन करता हूं और प्लास्टिक का उपयोग ना करते हुए हमेशा प्लास्टिक से बचने का प्रयास करता हूं और ऐसा आप भी करें


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