Pradusan Ke Nuksan Aur Roktham Ke Upaye [प्रदूसन के नुकसान और रोकथाम के उपाए ] जाने सिर्फ हिन्दी मे .........
आज मैं आपको कुछ ऐसा बताऊंगा तो शायद आपको पता होना बहुत जरूरी है यह हमारा समाज हमारी दुनिया और मानव जाति बस एक दूसरे को खा रही है और कुछ नहीं हमारे पेड़ पौधे हमारे घाटियां हमारी समाजिक तत्व यह बस प्रकृति को खाने में लगे हैं
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| pradusan {palution} ke nuksan aur roktham ke upaye |
किसी ना किसी प्रकार से प्रकृति को नष्ट करने में लगे आज अपने वातावरण को देखकर एक लेखक का मन बहुत ही दुखी होता है मैं जिस जगह से बिलॉन्ग करता हूं जहां रहता हूं वहां का वातावरण बहुत ही गंदा है बहुत ही प्रदूषण यहां पर सांस लेना बहुत ही मुश्किल है आज मैं आपको कानपुर की एक ऐसी जगह के विषय में बताऊंगा और ऐसे व्यक्तियों के विषय में बताऊंगा जो आपको यकीनन अंदर से झकझोर कर रख देंगे कि आज हमारी पृथ्वी पर ऐसी कोई जगह है जहां पर पीने के लिए स्वच्छ पानी और सांस लेने के लिए स्वच्छ वायु तक उपलब्ध नहीं है
हम और मानव जाति इस पृथ्वी की पर्यावरण को धीरे-धीरे नष्ट करते जा रहे हैं हमें मानव जाति से यह समझाना और स्वयं यह समझना बहुत जरूरी है कि हमें अपनी पृथ्वी को स्वयं बचाना हमारी पृथ्वी को कोई पहचाने नहीं आएगा हम सभी बुद्धिजीवी हम जानवरों से उम्मीदें नहीं रख सकते हम बुद्धिजीवी हैं हमें अपनी पत्नी को बचाना होगा आज हमारी पृथ्वी ऐसे कगार पर खड़ी है जिससे आप को समझना बहुत जगह वायु प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि आज भारत में हर पांचवी आदमी को टीवी है
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टीवी यह एक फेफड़े की बीमारी है आज हमारे देश में स्वस्थ वायु उपलब्ध नहीं है इसका एक ही कारण है मानव जाति मानव जाति ने इस पृथ्वी को इस प्रकार से घेर लिया है जैसे वह पृथ्वी पर अपना कब्जा करना चाहता हूं हमारे सारे पेड़ पौधे सब काट काट कर उन्होंने घर मकान और परिवारिक तकिया लगा कर पैसा कमाना बस यही रह गया यह मानव जाति एक दिन अपने ही पतन का कारण बनेगी इसमें कोई दो राय नहीं है कि यदि मानव जाति ने अभी कुछ नहीं किया तो वह समय दूर नहीं है इसका खात्मा होने में समय नहीं लगेगा
मैं एक लेखक जब सुबह उठता हूं तबीयत देखता हूं कि चीनियों के मुहाने से काला धुआं हमारी पृथ्वी के भाइयों को दूषित कर रहा है क्यों यह जरूरी है कि नहीं जरूरी यह आपको नहीं करना चाहिए हमारी फैक्ट्रियों से ध्यान नहीं निकलना चाहिए यह तो एक वायु प्रदूषण की बात यदि मैं आपको पानी प्रदूषण की बात कहूं तो आप विश्वास करेंगे आज हमारी पृथ्वी के नीचे का पानी भी पीने लायक नहीं बचा है
जहां हम पहले नदी नालों से पानी पी लिया करते थे आज वह समय यदि आप नदी नालों से पानी पी लेंगे ना तो आपको दरिया जैसी खतरनाक बीमारी हो जाएंगे और आप अस्पताल पहुंचने का कार्य क्या मानव जाति को इस विषय में कुछ नहीं करना चाहिए क्या मानव जाति गूंगी बहरी या उसको देखना है यह समझना होगा मानव जाति को हमारी पृथ्वी है हमारी धरती माता है इसे हमें बचाना होगा
इस लेख के जरिए मैं बस आपको यही बताना चाहता हूं कि हमारी पृथ्वी मर रही है इस को बचाओ इसमें पेड़ पौधे लगाओ नहीं तो हमारी पृथ्वी सांस लेने के काबिल नहीं बची और यह पृथ्वी उसी प्रकार खत्म होगी जिस प्रकार मंगल खत्म हो गया है तो हमारी पृथ्वी को बचाने का प्रयास जारी रखें
आजकल हमारे भारत के लोग कुछ ऐसे हैं जो किसी विषयों को नहीं छोड़ते वह सांस लेने तक में पॉलिटिक्स लगा देते हैं ऐसा नहीं होना चाहिए मेरे दोस्तों जब बच्चा पैदा होता है तो उसको हमारी पत्नी कुछ चीजें उपहार में देती है और वह सभी के लिए हुई थी जैसे सूरज की रोशनी और इस वातावरण में सांस लेने की इच्छा सभी मानव जाति और जीव-जंतुओं के लिए यह उपहार में दिया जाता है यदि कोई चीज हमको उपहार में मिली है तो हमें उसका सम्मान करना चाहिए ना कि उसको बर्बाद करना चाहिए तो यह आप जरूर ध्यान रखें कि हमारी पृथ्वी खत्म हो रही है और बचाना इसको हम ही को है
हालांकि आज 21वीं सदी चल रही है और इस 21वीं सदी में लोगों के अंदर जागरूकता तो आई है परंतु अभी भी हमारे देश में प्रदूषण की बहुत ही बढ़ोतरी दर बेहतर हो रही है जागरूकता होने के बावजूद भी हमारे देश में प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है कैसे हमें इस प्रदूषण को रोका जाए इसमें सरकारें और भारतीय जनता को एकजुट मिलकर प्रयास करने चाहिए जगह जगह पर मुहिम चलाने चाहिए इस प्रकार की जागरूकता फैलाना चाहिए गंदगी को साफ करते रहना चाहिए


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