Jal Pariyon Ki Kahani [ hindi kahaniyan ] Hindi Story चंचली जलपरी और चोला की कहानी

चंचली जलपरी और चोला की कहानी जलपरियो की कहानी [ हिंदी कहानियां ] Jal Pariyon Ki Kahani  [hindi kahaniyan] {Hindi Story}



यह कहानी एक जलपरी की कहानी है |जोकि समुद्र में रहा करते थे उनका समुद्र में बहुत बड़ा परिवार था वह  हंसी खुशी रहने वाला समाज था इनमें से एक जलपरी {Jal Pari}बहुत ही सुंदर और और बहुत ही चुलबुली जिसका नाम चंचली था  दिन चंचली समुद्र की सैर पर निकली उसने देखा कि कुछ व्यक्ति एक लड़के को बांध कर फेक  रहे हैं अत: वह देखकर हैरान हो गई और उसे उस लड़के पर दया आ गई अतः जब उस लड़के को फेककर वह लोग चले गए हैं तब वह डूबने लगा | जिसे फिर बाद में चंचली नामक उसी जलपरी {Jal Pari }ने बचा लिया और अपने महल में ले गई जो कि पानी के अंदर था |  अब जब लड़के को होश आया तब वह आस-पास देखकर बहुत ही हैरान हुआ और वह सोचने लगा कि मैं मर गया हूं क्या ? फिर उसे चंचली जलपरी { Jal Pari } ने बताया कि तुम मेरे महल में हो और मैं एक जलपरी {Jal Pari} हूं |

Jal Pariyon Ki Kahani [ hindi kahaniyan ]
Jal Pariyon Ki Kahani [ hindi kahaniyan ] 



जोकि समुद्र में रहती हूं तब उसने लड़के से उसका नाम पूछा लड़के ने कहा मेरा नाम चोला है चंचली को लड़के का नाम बहुत ही पसंद आता है और लड़का भी चंचली{ Jal Pari }को पसंद करने लगता है और फिर बाद में चंचली भी लड़के को पसंद करने लगती है इन दोनों का रिश्ता आपस में बहुत ही मजबूत हो जाता है और यह  दोनों उसी जगह पर रहने लगते हैं |

कुछ समय बीता है और एक दिन चोला को घर की याद आने लगती है और वह चंचली से घर जाने के लिए कहता है चंचली इसकी बात मान जाती है और उसे समुद्र किनारे तक छोड़ कर आती है पता चोला अपने घर की ओर निकल जाता है परंतु चोला घर गया  तब से पूछा जाता है कि  तुम इतने दिन कहां रहे  | चोला एक नेक दिल का लड़का है और उसने अपने साथ हुई घटना का पूरा विवरण बता दिया परंतु लोगों ने उसका विश्वास नहीं किया और विश्वास ना करने के कारण चोला वहां से नाराज होकर समुद्र की तरफ लौट आने लगता है 

परंतु जिन लोगों को चोला ने  यह घटना बताई थी उन्हें लगा कि चोला के पीछे चलना चाहिए और सच्चाई क्या है पता करना चाहिए अतः उन्होंने चोला का पीछा किया और समुद्र के कई किलोमीटर बीच में चलने के पश्चात चोला अचानक पानी में गायब हो गया यह देखकर उसके सभी दोस्त भोचक्के रह गए सभी सोचने लगे  कि चोला कहां चला गया फिर उन्होंने चोला को ढूंढने का प्रयास शुरू कर दिया एक दिन चोला समुद्र के बाहर आता है परंतु चोला को यह नहीं पता कि उसका पीछा कुछ लोग कर रहे हैं और जैसे वह पानी में गायब होता है उसका पीछा शुरू हो जाता है कुछ लोग उसके महल तक पहुंच जाते हैं अब वह लोग जलपरियों{ Jal Pariyon } को देखकर हैरान हो जाते हैं कि यहां पर तो परियों की पूरी बस्ती है और दुनिया को इसके विषय में कुछ पता ही नहीं है 

अब इन दोस्तों ने जलपरियों{ Jal Pariyon } को पकड़ने का प्लान बनाने की तैयारी कर ने लगे  और एक दिन चोला का इंतजार करते हुए उन्होंने चंचली जलपरी { Jal Pariyon } को देखा देखकर वह हैरान रह गए क्योंकि चंचली जलपरी { Jal Pariyon } बहुत ही सुंदर थी अतः इन्होंने से पकड़ने का भरपूर प्रयास किया परंतु पकड़ना सकें अब इन दोस्तों ने जलपरियों को पकड़ने का नया प्लान बनाया और उन्हें पकड़ने के लिए बड़े-बड़े जहाज बुलवाएं अब प्लान पूरी तरह तैयार हो चुका है और परियों को पानी से निकालने की तैयारी पूरी हो गई है शाम का वक्त है जब एक जलपरी बाहर की ओर आती है तो उसे जाल डालकर पकड़ लिया जाता है वही दूर से चंचली जल परी यह सब देख रही है और वह भागकर अपने महल जाती है और अपने बड़े बुजुर्गों को इस घटना का वर्णन देती है जब उसके राजा ने यह सब सुना तो राजा क्रोधित होकर आक्रमण करने की तैयारी करने लगा और उसने जरा सी भी देर ना करने के पश्चात इन दोस्तों के ऊपर अपने हथियारों से आक्रमण कर दिया और इन सभी दोस्तों के बड़े-बड़े जहाजों को नेस्तनाबूद कर दिया |

 अतः चोला के दोस्तों को बंदी बनाकर कारागार में डाल दिया तत्पश्चात चोला ने राजा से विनती की कि आप उन्हें जाने दे परंतु ऐसा संभव ना हो सका | राजा अब बहुत ही व्याकुल रहने लगा क्योंकि उसे अब बाहरी दुनिया वाले भी जानने पहचानने लगे थे और इसी डर से वह अपनी परिवार की तांत्रिक के पास गया | जो कि भविष्य बताने का काम किया करते थी  अतः उस तांत्रिक ने राजा को इस समस्या का एक उपाय बताया और राजा ने उस उपाय को सुना और समझा तांत्रिक ने बताया की यदि इनके सभी दोस्तों और चोला को खत्म कर दिया जाए तो हमें बाहरी दुनिया नहीं पहचान सकती यदि यह लोग बाहर गए हैं तो हमारा अस्तित्व खतरे में हो जाएगा इतना सुनने के बाद राजा ने हैं

 ऐसा ही करने को प्रयत्न शुरू कर दिया उसने चोला के एक -एक दोस्तों को मार कर  मछली को खिला दिया अब वह किसी प्रकार चोला को मारना चाहता था क्योंकि चोला भी कभी ना कभी बाहर जाने की जिद जरूर करता और इस कारण उसका अस्तित्व खतरे में पड़ जाता | कुछ समय बीता जिस दिन चली चंचली जलपरी { Jal Pariyon } की शादी चोला से तय हुई थी  उसी दिन राजा ने  नहीं चोला को मार डाला अतः इस घटना का जब चंचली जलपरी { Jal Pariyon } को पता चला तो चली बहुत ही क्रोधित हुई और  उसने अपने पिता को श्राप दे दिया कि तुम्हारा वंश अब आगे नहीं बढ़ सकता यहीं खत्म हो जाएगा 

ऐसा कहने के बाद चंचली जलपरी { Jal Pariyon } ने अपने आप को एक धारदार वस्तु से मार लिया और चंचली का भी यही अंत हो गया अतः कुछ समय बीता और महल में सभी उदास  रहने लगे | महल का वीराना बन किसी को पसंद नहीं आ रहा था एक दिन महल में रहने वाले एक व्यक्ति की अचानक मौत हो गई मौत को देखकर राजा बहुत ही दुखी हुआ | कुछ समय बिता फिर एक की मौत हो गई ऐसे ही करते करते राजा का पूरा कुनबा खत्म हो गया अब पूरे राज्य में केवल राजा ही बचा राजा इस बात को समझ में नहीं पा रहा था परंतु राजा करता भी क्या एक दिन भूकंप की वजह से महल ढह गया  और राजा उसी में समा गया और इस तरह जलपरियों { Jal Pariyon } के एक राज्य का अंत हो गया

निष्कर्ष - एक जलपरियों { Jal Pariyon } के समाज की कहानी है जलपरी समाज भले ही आज मॉडर्न युग में खत्म हो गया हो परंतु किसी समय उनका वजूद अवश्य था यह एक दंतकथा है इसे आप तक प्रस्तुत किया गया हालांकि इस कथा का कोई प्रमाणिक रूप नहीं है ना ही कोई प्रमाण है कि प्राचीन काल में ऐसा कुछ हुआ भी होगा परंतु दंत कथाएं तो दंतकथा होती हैं और इनसे मानव जाति को सीख लेना चाहिए प्राचीन काल में चंचली और चोला दो प्रेमी जोड़ा थे जिन का दुखद अंत हो गया उन्हीं की कहानी से सीख ले कर मनुष्य को अपने आने वाले स्वभाविक कदमों को उठाना चाहिए तभी वह अपना और समाज का कल्याण कर पाएंगे यदि इस कहानी से आपको सीख मिली हो तो लेखक के लिए धन्यवाद देखना ना भूलें  धन्यवाद |


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