Global Warming Kya Hai Isake Karan Aur Roktham Ke Upaye | ग्लोबल वार्मिंग क्या है इसके कारण और रोकथाम के उपाय
ग्लोबल वार्मिंग क्या है ?
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| Global Warming Kya Hai Isake Kya Karan Aur Roktham Ke Upaye |
ग्लोबल वार्मिंग दुनिया भर में उपस्थित सभी समस्याओं में यह विकट समस्या है और यह हमारी पृथ्वी को हमारे वातावरण को धीरे-धीरे नष्ट करते जा रहा है पृथ्वी का तापमान धीरे-धीरे बढ़ने की वजह ग्लोबल वार्मिंग है अंटार्टिका में तापमान बढ़ने से बड़े-बड़े बर्फ के पहाड़ और ग्लेशियर बहुत तेजी से पिघल रहे हैं जिससे समुद्र का जलीय स्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है चली स्तर बढ़ने की वजह से कई इलाके समुद्र की चपेट पर आ चुके हैं और वह डूबने की कगार पर हैं
ग्लोबल वार्मिंग के कारण......
वैसे तो ग्लोबल वार्मिंग के कई कारण है मैं मगर आपको मुख्य कारण की ओर प्रकाश डालूंगा
- ग्लोबल वार्मिंग का मुक और मेन कारण हमारे वातावरण में छोड़ी जा रही CO2 है CO2 के विभिन्न स्रोत हैं आज हमारे देश में वाहनों फैक्ट्रियों की कमी नहीं है वाहनों से भारी-भरकम मात्रा में CO2 निकलती है
- हम मानव जाति भी किसी हद तक इस ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने में मदद कर रहे हैं क्योंकि इसी वातावरण में हम भी CO2 छोड़ते हैं परंतु मानव जाति एक समझदार और अति उन्नत प्रजाति है यह अपने द्वारा की गई CO2 को पेड़ पौधे लगाकर रोक सकती हैं
- अधिक मात्रा CO2 होने के कारण ओजोन परत पर भारी भरकम नुकसान हो रहा है और वातावरण भी दूषित होते जा रहा है इसी से ग्लोबल वार्मिंग की समस्या विकट रूप लेती जा रही है
- ऐसी बहुत सी फैक्टरी हैं जो केमिकल निकालते हैं और उसे हवा में छोड़ देते हैं मिथेन अमोनिया यह ऐसी कैसे हैं जो हमारे वातावरण को बहुत तेजी से नुकसान पहुंचाती हैं और कई गंभीर समस्या भी पैदा करती हैं
- मानो अपनी सुरक्षा और आरामदायक जिंदगी बिताने के लिए इन फैक्ट्रियों को बड़े ही चाव से लगाकर प्रकृति में उपस्थित वातावरण को बहुत ही तेजी से दूषित करता जा रहा है
- नदी नालों का दूषित पानी ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने में मदद करता है इसमें उपस्थित तत्व जाकर समुद्र जैसे बड़े जलाशय में मिलते हैं और छोटे-छोटे ऑक्सीजन उत्पन्न करने वाले पौधों को मार देते हैं अतः दूषित पानी भी ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य कारण है
- इन्हीं समस्याओं से और गंदगी फैलाने की प्रकृति से हमने यानी मानव जाति ने ऐसे बहुत सारे जीव जंतु को दिए जो हमारी पृथ्वी के जीवन चक्र के लिए बहुत ही जरूरी थे आज उनकी प्रजाति नष्ट हो चुकी है तो उसका जिम्मेदार कौन है
- मानव जाति केवल अपनी सुविधाओं के लिए काम कर रहे हैं अपनी प्रकृति को बचाने में हमारा ध्यान नहीं है और हम अपनी प्रकृति को ही अपना दुश्मन मानते हुए धीरे-धीरे उसे नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं कई प्रकार के केमिकल हम लोग स्वयं बनाते हैं अपनी प्रकृति को नुकसान पहुंचाने के लिए जैसे बड़े बड़े हथियार परमाणु हथियार परमाणु भट्टी रेडिएशन के और भी ऐसे बहुत से कारण है जिनसे हमारी पथरी की वातावरण को भारी भरकम नुकसान हो रहा है
ग्लोबल वार्मिंग की रोकथाम के उपाय......
जिस प्रकार मानव जाति समस्या को पैदा कर रही है उसी प्रकार मानव जाति चाहे तो इन समस्याओं को दूर भी कर सकती है
- हमें यानी मानव जाति को CO2 उत्पन्न करने वाले सभी कारकों को सबसे पहले पहचानना होगा पहचानने के पश्चात उन सभी कारण को जिससे CO2 वातावरण में उत्पन्न हो रही है या तो नष्ट करना पड़ेगा क्या फिर जल्द से जल्द उन्हें बंद करना पड़ेगा अगर यह कदम मानव जाति उठा ले तो यकीनन वह बहुत बड़े पर बहुत बड़े स्तर पर वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को बड़े ही आसानी से हटा सकता है जिससे ग्लोबल वार्मिंग का खतरा थोड़ा बहुत कम हो सकता है
- जगह जगह पर पेड़ों का निर्माण या पेड़ लगाने से बहुत ही फर्क पड़ेगा वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा कम होगी अतः ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव कम हो जाएगा
- सभी फैक्ट्रियों से निकलने वाले वेस्टेज को किसी प्रकार का भी वेस्टेज क्यों ना हो उसे किसी भी नदी नाले या चेंबर में गिरने ना दें उसके लिए एक अलग से पोर्टल बनाकर वेस्टेज को वहीं पर एकत्र कर कर रिसाइकल किया जाए उसको नदी नालो तालाब जलाशयों में मिलाने की जरूरत नहीं है जिससे कि हमारी पानी या जल प्रदूषित ना हो और ग्लोबल वार्मिंग का खतरा कम हो सके
- सभी CO2 उत्पन्न करने वाले कारक वाहन फैक्ट्रियां और जिन भी माध्यम से CO2 वातावरण में मिल रहा है उन सभी माध्यम को ढूंढ कर जल्द से जल्द बंद करना होगा
निष्कर्ष
हम मानव जाति इस दुनिया की एक ऐसी प्रजाति हैं जो हर परिवर्तन चाहे तो कर सकती है एक लेखक होने के बावजूद इन समस्याओं को ध्यान देने की अपील करता हूं और मैं स्वयं भी इन बताए गए उपायों को जरूर करूंगा और मानव जाति से उम्मीद करता हूं कि ऐसा वह भी करें
हालांकि यह काम इतना आसान नहीं है जितना कि कह देना परंतु काम यदि आसान हो तो फिर उसे करने में मजा नहीं आता किसी ना किसी को कभी ना कभी तो आवाज उठानी होगी और अभी 2021 में ऐसा देखा जा रहा है कि लोग आवाज उठा रहे हैं
छोटी सी लड़की ग्रेटा थनबर्ग यह एक ऐसी लड़की है जिसने ग्लोबल वार्मिंग समस्या को ध्यान देते हुए पूरी दुनिया को एकत्र करने का बीड़ा उठाया और इसमें कुछ ऐसे काम भी किए जिससे के लोगों का ध्यान ग्लोबल वार्मिंग की तरफ गया दुनिया को ऐसे लोगों की जरूरत है हमें भी ग्रेटर थन वर्ग की तरह बनना होगा जिससे इस दुनिया का कहीं हद तक भला किया जा सके यदि हम पृथ्वी पर आए हैं तो पृथ्वी को बचाने की जिम्मेदारी भी हमारी है क्योंकि हम इस में रहते हैं सांस लेते हैं जीते हैं मरते हैं तो इस पृथ्वी को बचाने की जिम्मेदारी भी हमारी होगी हमें अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ना है
जितने भी लोगों ने इस लेख को पढ़ा है उनसे बस एक ही विनती है कि ज्यादा नहीं वह अपने घर के सामने या बागान पर जहां पर थोड़ी बहुत जगह है वहां पर अपने घर में उपस्थित जितने भी परिवार हैं जितने भी सदस्य हैं बस इतने ही पेड़ लगाएं कुछ नहीं से कुछ ही सही यह विनती लेखक कर रहा है और लेखक भी इसी बातों पर कार्य करेगा चलिए मिलते हैं फिर किसी और लेख पर धन्यवाद
जितने भी लोगों ने इस लेख को पढ़ा है उनसे बस एक ही विनती है कि ज्यादा नहीं वह अपने घर के सामने या बागान पर जहां पर थोड़ी बहुत जगह है वहां पर अपने घर में उपस्थित जितने भी परिवार हैं जितने भी सदस्य हैं बस इतने ही पेड़ लगाएं कुछ नहीं से कुछ ही सही यह विनती लेखक कर रहा है और लेखक भी इसी बातों पर कार्य करेगा चलिए मिलते हैं फिर किसी और लेख पर धन्यवाद
और संबन्धित तथ्य देखे....................\????/
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