↝भूत राजा चौपाल की कहानी↜ { हिंदी कहानियां } भूतो की कहानी
Hindi Kahaniyan { bhuton ki kahaniyan} bhut raja chopal ki kahani { Hindi Story }
यह कहानी 3 दोस्तों की कहानी है जिन्हें एडवेंचर करना और नई नई जगह जाना बहुत पसंद है जिनका नाम श्याम धीरू और पूजा है उन्होंने अपनी लाइफ में कई जगहों पर सफर किया और विभिन्न जगहों पर घूमे हैं परंतु इन तीन दोस्तों के जीवन में एक नया मोड़ आने वाला है यह इनको भी नहीं पता है एक दिन इन तीनों मित्रों ने एक नई जगह जाने का प्लान किया वह जगह असल में एक राजा का महल था जो कि काफी समय से वीरान बड़ा हुआ था अतः इन्होंने उस जगह रात को जाने का प्लान बनाया जिससे इन्हें कोई एडवेंचर मिल सके पूजा को वीडियो बनाना फोटो खींचना काफी पसंद था अत: उसने अपना कैमरा अपने साथ ले लिया श्याम ने तीन टॉर्च ले ली धीरू ने खाने पीने का सामान लिया और यह तीनों दोस्त अपने अपने घर से निकल कर साथ में काफी सफर करने के पश्चात एक होटल में रुके और प्लान करने के पश्चात वह उस महल की ओर रात को निकले और महल पहुंचे जब यह महल के द्वार पर पहुंचे अचानक एक आवाज आई कि आप इस महल के अंदर ना आए परंतु इन तीनों दोस्तों ने उस आवाज को अनदेखा करते हुए अंदर चले गए |
![]() |
| Hindi Kahaniyan { bhuton ki kahaniyan} bhut raja chopal ki kahani |
असल में यह महल राजा चौपाल का था वह एक बहुत ही क्रूर शासक था जिसने अपनी प्रजा पर अनेकों अत्याचार किए हैं और उसे अत्याचार करने में बहुत मजा आता था किसी समय राजा चौपालों का यहां राज हुआ करता था राजा चौपाल के पिता बहुत ही नेक दिल के इंसान थे वह सब से प्रेम से व्यवहार करते थे | और एक नेक राजा थे परंतु उनका बेटा राजा चौपाल अपने पिता के ठीक उलट था वह अपनी प्रजा को कठपुतलियां समझता था और उन पर अत्याचार किया करता था एक दिन जब राजा चौपाल अपने बिस्तर में सो रहे थे तभी उनकी प्रजा के कई लोगों ने मिलकर राजा चौपाल को जिंदा जला दिया अत: उसी समय से उस राज का बुरा वक्त शुरू हो गया पहले राजा चौपाल के पिता की मृत्यु हुई फिर राज के हर एक नागरिक की धीरे-धीरे मृत्यु होने लगी इससे सभी राज वाले भयभीत हो उठे हैं ऐसा काफी समय तक चलता रहा फिर वहां से एक फकीर पुजारी गुजरता है जब वह उस राज की हालत देखता है तो तो वह समझ जाता है कि आखिर इस राज्य में क्या चल रहा है वह राज्य के नागरिकों को बताता है कि आप इस महल से 5 किलोमीटर की दूरी बनाए रखें क्योंकि इस महल में राजा चौपाल की आत्मा भटकती है और सामने पड़ने वाले हर व्यक्ति को मार देती है उस फकीर पुजारी की बात सुनकर राज के नागरिकों ने महल के 5 किलोमीटर एरिया को खाली कर दिया और महल में सभी का जाना बंद करवा दिया लोग यहां तक रात में निकलना बंद कर दिया |
ऐसा कहा जाता है कि कि राजा चौपाल की आत्मा आज भी इस महल में भटकती है रोती है और लोगों को बुलाती है
श्यामू धीरू और पूजा तीनों महल के अंदर जाने लगते हैं तभी उन्हें महल से जाने की चेतावनी दी जाती है असल में यह चेतावनी राजा चौपाल के पिता उन तीनों बच्चों को बाहर भेजने के लिए देते हैं परंतु इन तीनों दोस्तों ने उनकी बातों को अनदेखा करते हुए महल के अंदर प्रवेश करके वीडियोस और फोटो वगैरा क्लिक करना शुरू कर देते हैं जब पूजा राजा चौपाल के कमरे के अंदर जाती है तो उसे राजा चौपाल की एक तस्वीर दिखती है जो कि बहुत भयानक होती है जब पूजा उस तस्वीर को गौर से देख रही होती है तभी राजा चौपाल की तस्वीर से खून के से आसू गिर रहे होते हैं पूजा देखकर अचानक डर जाती है और भागकर श्यामू के पास पहुंचती है जब वह श्यामू को बताती है तो श्यामू पूजा को झूठा ठहराते हुए कहता है कि तुम झूठी हो तुम झूठ बोल रही हो तब पूजा कहती है नहीं मैं सच बोल रही हूं चलो तुम्हें दिखाती हूं श्यामू और धीरू पूजा के साथ राजा चौपाल कमरे में पहुंचते हैं और उसकी तस्वीर की तरह देखते हैं परंतु अब ऐसा कुछ नहीं हो रहा है जैसा पूजा के सामने हो रहा था और इस बात को वह हंसकर टाल देते हैं और महल के अंदर जाने लगते हैं |
जब जिस जगह पर चौपाल की मृत्यु हुई थी उस जगह पर पहुंचते हैं तो अचानक श्यामू आक्रमक हो जाता है असल में श्यामू के अंदर राजा चौपाल की आत्मा प्रवेश कर चुकी थी इस कारण श्याम आक्रमक होकर पूजा और धीरू को मारने लगता है इस मारकाट में पूजा बुरी तरह घायल हो जाती है धीरू पूजा को बचाते हुए दूसरे कमरे में ले जाता है परंतु श्याम उसे ढूंढता हुआ उस कमरे में बहुत जाता है और एक धारदार हथियार से पूजा को जान से मार देता है यह देखकर धीरू बहुत डर जाता है और श्यामू को धक्का देकर महल से बाहर भागने की कोशिश करने लगता है परंतु इस महल का एक ही नियम है इस महल पर लोग अंदर तो आ सकते हैं लेकिन बाहर नहीं जा सकते घड़ी में लगभग 2:30 बज रहा होता है रात का समय धीरू दौड़ता दौड़ता महल के कोने में छुप जाता है श्यामू उसे चारों तरफ ढूंढने लगता है श्यामू का हाव भाव बिल्कुल बदल चुका है वह भूतों की तरह चाल चल रहा है और अजीब अजीब सी आवाजें निकाल रहा है |
अचानक श्यामू को देखा धीरू ने धीरू भागा भागते भागते वाह राजा चौपाल के पिता के कमरे में दाखिल हुआ और जैसे ही श्यामू अंदर प्रवेश करने लगा एक बिजली सी गिरी गेट से बाहर फेंक दिया फिर श्याम उठा और अंदर प्रवेश करने की कोशिश करने लगा परंतु वह अंदर प्रवेश नहीं कर पा रहा था अचानक धीरू ने श्यामू का हाथ पकड़ा और अंदर घसीट लिया फिर श्यामू बेहोश हो गया उसके अंदर राजा चौपाल की जो आत्मा थी और निकल चुकी थी थोड़ी देर बाद श्यामू होश में आया तब धीरू ने उसे सब बताया क्या हुआ था कैसे हुआ किसने किया अपनी दोस्त पूजा की मौत का श्याम और धीरू को बहुत अफसोस हुआ अब इनका उद्देश्य प्राया उस जगह से निकलना था जब तक कि वह उस रूम में थे सुरक्षित हैं परंतु एक ही दिक्कत थी कि उस रूम में सुबह उन लोग के लिए नहीं हो रहे थी जब तक कि वह बाहर नहीं आते तब तक कि वह सुबह नहीं होती यह उस रूम की खासियत है यदि उस रूम में आप होंगे और रात का समय है तो वह रात का ही समय रहेगा |
ऐसा इन्हें तब पता चला जब वह दो ढाई घंटे से अंदर ही बैठे रहे उन्हें ऐसा प्रतीत हो रहा था की सुबह तो हो ही नहीं रही है अतः इन्होंने बाहर निकलने का निर्णय लिया उन्होंने अपनी टॉर्च उठाई और उस रूम से बाहर निकले अब घड़ी में 3:00 बजे था अचानक इन्होंने देखा इनका कोई पीछा कर रहा है यह दोनों भागे भागकर यह उसी जगह पहुंचे जहां पर राजा चौपाल की मृत्यु हुई थी
अतः धीरू की तरफ कोई धारदार चीज तेजी से आई और धीरू का सीना चीर के निकल गई अतः धीरू की वहीं पर मृत्यु हो गई जब श्यामू ने यह देखा के तो श्यामू को बहुत ही क्रोध आया उसने अपने दोस्त धीरू की बॉडी को सीने से लगाकर 2 मिनट रोया और राजा चौपाल को खड़े होकर चिल्लाकर चुनौती देने लगा कि अब मेरे सामने आ हिम्मत है तेरे पास राजा चौपाल यह सुनकर बहुत क्रोधित हुआ और श्यामू से सीधा भीड़न करने के लिए अपने असली रूप में आ गया धीरू यह जानता था
इससे जीत पाना नामुमकिन है परंतु फिर भी वह भीड़ने के लिए तैयार हो गया श्यामू का प्लान था किसको किसी प्रकार इसके पिता के कमरे तक ले जाया जाए और वह तेजी से भागा उसके पीछे राजा चौपाल की आत्मा भागी अचानक वह अपने पिता के कमरे में पहुंचे और जैसे ही राजा चौपाल की आत्मा पहुंची श्यामू ने दरवाजा बंद कर दिया अतः राधा चौपाल की आत्मा उसी जगह फंस कर तड़पने लगी उसी तड़पन में उसने श्यामू का गला पकड़ लिया और इतने कस के दबा दिया किस श्यामू के प्राण अखेर हो गए हैं अतः श्यामू भी मृत्यु को प्राप्त हो गया |
परंतु दोस्तों राजा चौपाल की आत्मा भी बच नहीं पाए अपने पिता के प्रकोप और श्राप के कारण वह उसके कमरे में प्रवेश नहीं कर सकता था अदा उसने प्रवेश किया और राजाच चौपाल का अंत हो गया सुबह हुई दोस्तों जब कुछ लोग उधर से गुजरे और उन्होंने महल का दरवाजा खुला देखा तो वह अंदर गए जाकर देखते हैं कि 3 व्यक्तियों की लहासे पड़ी हुई है उन लाशों को बाहर लाया जाता है और महल को सील कर दिया जाता है |


0 comments