Billi Aur Chuhe Ki Kahani | जोजों बिल्ली और चुन्नू चूहे की रोमांचित कहानी

  Billi Aur Chuhe Ki Kahani बिल्ली और चूहे को कहानी

यह कहानी आपको बिल्ली और चूहे के बीच में दुश्मनी, दोस्ती, प्यार, लड़ाई झगड़ा, हंसना रुटना ,एक दूसरे की मदद करना, एक दूसरे की जान बचाना, एक दूसरे को संभालना, बिल्ली और चूहे में क्या-क्या हो सकता है किस हद तक यह जा सकते हैं इस कहानी में आपको देखने को मिलेगा ।

Billi Aur Chuhe Ki Kahani
Billi Aur Chuhe Ki Kahani 


बिल्ली और चूहे का परिवार

यह कहानी एक परिवार से शुरू होती है जिसके घर में एक बिल्ली जिसका नाम जोजो होता है उस परिवार में जोजो को मिलाकर टोटल 4 सदस्य होते हैं एक लड़का इसका नाम मिंटू और उसकी माता जिनका नाम शीला तथा उनके पिता का नाम कुमार होता है और यह सभी लोग एक परिवार की तरह आपस में रहते हैं और एक दूसरे को बहुत ही प्यार करते हैं मिंटू बहुत ही होशियार इंटेलिजेंट बच्चा है जो कि हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करता रहता है

उसने अपने घर पर एक लैब बना रखी थी जिसमें वह छोटे-मोटे एक्सपेरिमेंट , इलेक्ट्रॉनिक से या किसी नई चीज को इन्वेंट करना हो वह सारी चीजें वह उसी जगह पर अपनी लैब में करा करता है ।

मिंटू एक 10 साल का बच्चा है जो कि अपनी बिल्ली जोजो से बहुत प्यार करता है और अपने माता-पिता से भी बहुत प्यार करता है उसके माता-पिता शीला और कुमार अपने बेटे मिंटू को बहुत चाहते है उसके सभी छोटी-बड़ी ख्वाहिशों को पूरा किया करते थे

एक दिन मिंटू अपने घर से स्कूल की ओर जा रहा था तभी उसने देखा की एक चूहा जोकि मूर्छित अवस्था में पड़ा हुआ है और दर्द से करा रहा है जब मिंटू ने उसको देखा तो अपनी स्कूल ले जाने वाली बोतल से थोड़ा पानी पिलाया और उस चूहे को तकलीफ में देखकर मिंटू से अपने घर ले आया मिंटू ने यह बात अपने माता-पिता को बताई तथा उसके माता-पिता भी इस बात पर मिंटू को सवासी दिए कि उसने मजबूर और लाचार जानवर की मदद करें ।

कुछ दिन बीत गया और चूहे की देखभाल करने की वजह से चूहा स्वस्थ हो गया मिंटू ऊसे हर रोज अच्छे से खिलाता था नहलाता  था अतः चूहा जल्दी ही स्वस्थ हो गया और घर में उछल कूद करने लगा

चूहे का नाम सभी ने बड़े प्यार से चुन्नू रखा सभी को नाम यह बहुत पसंद आया और चुन्नू बहुत ही सुंदर सफेद कलर का बड़े अयाल वाला चूहा था के चारों तरफ सफेद कलर के बाल उसके सुंदरता को बहुत ही बढ़ा रहे थे जो उसको एक बार देखता उस पर मोहित हो जाता था


बिल्ली और चूहे में दुश्मनी


परिवार के सभी सदस्यों क्या ध्यान ज्यादातर चुन्नू चूहे की तरफ होने लगा अतः जोजो बिल्ली को इस बात से बहुत ही दुख पहुंचा और जोजो बिल्ली जो कि दुखी रहने लगे और नए-नए तरीके खोजने लगी कि इस चूहे को किस प्रकार मारा जाए

अतः जोजो बिल्ली ने उससे मारने का प्लान बना लिया और एक दिन जब चुन्नू चूहा सो रहा था तभी जोजो ने उसे अपने मुंह में भर लिया अकस्मात उधर से मिंटू चला रहा था जोजो बिल्ली ने मिंटू को देख लिया और चूहे को मुंह से निकाल कर उसी जगह पर रख दिया हालांकि चूहे को कोई खरोच नहीं आई और जोजो बिल्ली वहां से चली गई 

अब चूहा भी समझ चुका था के जोजो बिल्ली उसे नुकसान पहुंचाना चाहती है इस जगह से चूहे और बिल्ली में एक दुश्मनी की शुरुआत हुई अब जोजो बिल्ली चूहे को मारने के लिए नए-नए तरीके निकालने लगी जब चूहा नीचे खेल रहा होता तो ऊपर से कोई भारी चीज गिरा देना चूहे के ऊपर कुछ जाना ऐसे कार्य करने लगी परंतु चूहा बहुत होशियार था हर बार जोजो बिल्ली को चुन्नू चूहा हरा ही देता था 

बिल्ली नए-नए तरीके निकाल कर के चूहे को मारने का प्रयास करते रहे परंतु हर बार असफल हुई जिससे परेशान होकर बिल्ली ने एक दिन जब परिवार के सभी सदस्य अपने किसी काम से बाहर चले गए और घर में केवल जोजो बिल्ली और चुन्नू चूहा ही बचा तभी बिल्ली ने अपने कुछ आस पड़ोस के मित्रों को बुलाया और चूहा को अकेला देख उस पर अटैक कर दिया कोई बिल्ली चूहे को उधर से खदेड़ती रही है कोई बिल्ली चूहे को इधर से ,चूहा इधर भागता है कभी बिल्ली उधर भागती है यह सब चलता रहा और घर का सामान सारा इधर-उधर गिरता रहा सारा घर तितर-बितर हो गया जो बिल्लियां जोजो बिल्ली की दोस्त थी उन्होंने पूरा घर तीतर बितर कर दिया परंतु चूहे को हरा नहीं पाए हर बार चूहा बिल्ली को उनके उसी पैंतरे से हरा देता था जो पैंतरा वह चूहे पर आजमा रहे हैं

अब जोजो बिल्ली ने पूरे घर में नजर डाली और देखा की पूरा घर तो तहस-नहस हो चुका है अतः उसने चूहे को छोड़ने का फैसला किया और अपने सभी दोस्तों को वहां से जाने के लिए कह दिया उसके सभी दोस्त चले गए हैं तभी थोड़ी ही देर पर परिवार के सदस्य शीला और कुमार तथा मिंटू भी स्कूल से वापस आ गया और जब उसने अपने घर का यह हाल देखा तो उसने जोजो बिल्ली को कसकर मार लगाई और उसे एक कमरे में बंद कर दिया और उससे कुछ दिन खाना भी नहीं दिया जिससे जोजो बिल्ली को बहुत ही दुख हुआ

लेकिन फिर से बिल्ली को बाहर निकाल दिया गया और एक नॉर्मल तरीके से सभी चीजें कुछ दिन के लिए चली परंतु अभी भी बिल्ली ने हार नहीं मानी और वह चूहे को मारने का प्रयास करती रही परंतु वह चूहे को मार नहीं पा रही थी हर बार असफल हो जाती वह नए-नए हथकंडे हर बार अपनाते फिर भी चूहे को मारने में असफल रहती

एक दिन की बात है सब कुछ नॉर्मल था परंतु जिस जगह पर जोजो बिल्ली सो रही थी ऊपर से एक बारी अलमारी जोजो की तरफ गिरने लगी तभी चुन्नू चूहे ने जोजो की जान बचाई जब बिल्ली ने इस बात को देखा तुझसे बहुत ही आश्चर्य हुआ और उसे अपनी करनी पर पछतावा भी हुआ क्योंकि बिल्ली हमेशा चूहे को मारने का प्रयास और नए-नए हथकंडे अपना ही रहे थे परंतु चूहे की दरियादिली को देखकर बिल्ली को अपनी करनी पर बहुत ही पछतावा हुआ


बिल्ली और चूहे की दोस्ती प्यार तथा एक दूसरे को संभालना


अब बिल्ली ने अपनी अपनी दुश्मनी को खत्म करके चूहे की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ा लिया और चूहा बिल्ली एक परिवार की तरह रहने लगे अब उस परिवार ने पांच सदस्य टोटल हो गए थे इसी प्रकार सब कुछ अच्छा चलता रहा

बिल्ली और चूहा एक दूसरे की देखभाल तथा एक दूसरे को संभालना ऐसे सामाजिक तत्वों में वह भी अब जुड़ गए थे

एक दिन की बात है बिल्ली के कुछ दोस्त जो पहले चूहे को मारने आ चुके हैं एक दिन उसी घर में जिस घर में चूहा रह रहा है अटैक कर देते हैं और चूहे को मारने का पूरा प्लान बना कर आते हैं यह चार पांच बिल्लियां थे जिन्होंने यह प्लान बनाया कि आज चूहे को समाप्त कर देंगे परंतु अब जोजो बिल्ली चूहे की तरफ थी वह अपने दोस्तों का साथ नहीं देना चाहती थी और उसने अपने दोस्तों का साथ नहीं दिया


परंतु वह जो चार बिल्लियां थी उसने चुन्नी चूहे पर अटैक कर दिया और उसे ढूंढने के लिए पूरे घर में तितर-बितर करने लगे तभी जोजो बिल्ली ने अपने दोस्तों के खिलाफ जंग छेड़ दी और उनसे झगड़ा करने लगा परंतु वह चार थे और जोजो बिल्ला अकेले उसने बहुत ही बहादुरी से अपने दोस्तों का सामना किया और कई दोस्तों को घायल किया परंतु जोजो बिल्ला उन चारों से जीत नहीं सका और इस जंग में जोजो बिल्ला बुरी तरह हार गया और कई जगह से घायल भी हो गया


चार बिल्लियों में से दो बिल्ली भी घायल हो चुकी थी अब केवल दो दिल्ली ही बची थी अतः अब वह तो बिल्लियां चूहे को ढूंढने लगी और उसे मारने के लिए तत्पर तैयार थी परंतु चूहा भी बहुत ही होशियार और समझदार था उसने बिल्लियों पर समझदारी से वार किया लेकिन बिल्लियां भी बहुत ही होशियार थी उसने चूहे के सभी वारो को विफल कर दिया कोई बिल्ली चूहे को उधर से खदेड़ देती कोई बिल्ली चूहे इधर से डराती आपस में दौड़ना भागना जारी था दोनों बिल्लियां चूहे को भरकम पकड़ने का प्रयास कर रहे थे लेकिन चूहा पकड़ में नहीं आ रहा था अंत में चूहा एक ऐसा वार करता है ऊपर रखे दो कंटेनर जोकि कांच के बने थे बिल्लियों के ऊपर गिरा देता है जिससे बिल्लियां घायल हो जाते हैं और वहां से चले जाते हैं 

 अब सभी चारों बिल्लियां जा चुके हैं अतः चूहा उतरकर जोजो बिल्ली के पास जाता है और उसे प्यार से गले लगाता है और उसके घावों को देखता है और चूहा रोने लगता है तभी बिल्ली उससे सांत्वना देती है कि रो मत सब ठीक हो जाएगा 

तभी परिवार के सभी सदस्य घर में आ जाते हैं और घर को जब तितर-बितर देखते हैं तब वह बिल्ली को दोष देते हैं परंतु चूहा इतना होशियार होता है कि वह उन को समझाने का प्रयास करता है और यकीनन वह ने समझा पाता है तब सभी लोग बिल्ली से बहुत ही प्यार करने लगते हैं और बिल्ली का इलाज करवाते हैं जिससे बिल्ली कुछ दिनों में ही अच्छी भली हो जाती है परिवार के अंदर अब खुशियां आ चुकी है और सभी लोग हंसी खुशी से रहने लगे चूहा भी बहुत खुश था बिल्ली भी बहुत खुश थी 



चूहे का घर छोड़ना तथा बिल्ली का उसे ढूंढना

अतः एक दिन चूहा कहीं गायब हो जाता है तभी से बिल्ली बहुत परेशान रहने लगती है और हमेशा चूहे को याद करती रहती है तभी बिल्ली ने यह ढाना के वह चूहे को ढूंढेंगी और वह चूहे को ढूंढने के लिए इधर उधर गले को कुछे, नुक्कड़,  झाड़ियों ढूंढना शुरू कर देती है परंतु चूहा कहीं भी नहीं मिलता है इससे परेशान होकर घर के सदस्यों ने नए तरीके खोजने के निकाले अतः उन्होंने चारो ओर चूहे की फोटो लगवा दी परिवार के पास फोटो पहले से थी  उसे छपवा कर सभी गली नुक्कड़ में लगवा दिया और उस पर कुछ इनाम भी रख दिया जो इस चूहे को ढूंढ कर लाएगा उसे कुछ नगद राशि दी जाएगी ऐसा करते कुछ समय बीत गया परंतु चूहे का अभी कोई अता पता नहीं था

अब इधर चूहा जो अपने मां बाप से मिलने के लिए अपने पुराने घर में गया था और उस चूहे ने कुछ दिन अपने मां-बाप के पास बिताने का सोचा और वह निकल आया था चुन्नी चूहा अपने मां-बाप के पास कुछ दिन बिताता है परंतु उसका मन जोजो बिल्ली के बगैर नहीं लगता अतः एक दिन वह अपने मां बाप के घर से निकलकर जोजो बिल्ली के पास चला जाता है

उसका घर जोजो बिल्ले के घर से काफी दूर में होता है अतः वह निकल जाता है चलते चलते वह एक कब्रिस्तान से होकर निकलता है जहां पर कुछ बिल्लियों ने पहले से ही डेरा डाल कर रह रही होती जो चूहा उधर से गुजरता है तभी अचानक एक बिल्ली उसे देख लेती है और उसकी तरफ तेजी से भागती है जिससे कि उस चूहे को वह खा ले परंतु चूहा भी बिल्ली को देख लेता है और दोनों में रस्साकशी चालू हो जाती है चूहा भी भागता है बिल्ली भी भागती है चूहा एक सुराख में घुस जाता है और वह कुछ देर उसी जगह घुसा रहता है वह सुराख एक नाले का सुराग होता है अतः उस नाले से अपने घर की ओर जाने लगता है तभी वह घर के मुहाने पर पहुंचता है और उस सुराग से सीधे घर पर चला जाता है

इधर बिल्ली और परिवार के सदस्य बहुत ही दुखी थे क्योंकि चुन्नू चूहा खो गया था और उसे बहुत ढूंढने के बाद भी वह नहीं मिला तभी अचानक एक दरवाजे की तरफ से एक चूहा आता दिखाई देता है और वह चुन्नू चूहा होता है सभी लोग बहुत ही खुश हो जाते हैं और चुन्नू चूहा का स्वागत करते हैं


बिल्ली और चूहा तथा सभी परिवार का एकीकरण


जब सब परिवार एक ही जगह उपस्थित हो गया सभी परिवार के सदस्य जोजो बिल्ली, चुन्नू चूहा, मिंटू तथा मिंटू के माता-पिता शीला और कुमार सभी ने बड़ी खुशी से एक पार्टी की जिसमें उन्होंने अपने रिश्तेदारों को निमंत्रण भेजा और एक बड़ा भोजनालय करवाया कई फिल्मकार, फोटोकार को बुलवाया और फोटो खिंचवाई वीडियो बनवाएं यानी कुल मिलाकर हंसी उल्लास का उत्सव होने लगा यह दिन उस परिवार के लिए किसी खुशी से कम नहीं था उस परिवार ने इस दिन को अच्छे से जिया और हंसी खुशी से बिल्ली और चूहा रहने लगे तब से बिल्ली और चूहा, चिंटू जहां जाते सब साथ में जाते ,साथ में रहते, साथ में खाते हैं उन लोगों के बीच में प्यार बहुत ही बड़ा चुका था


शिक्षा

इस कहानी मैं बिल्ली और चूहे के जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे गए सामाजिक तौर पर मानसिक तौर पर और यकीनन इस कहानी ने समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है इस कहानी से आप क्या सीख सकते हैं जानवर हो या इंसान सभी प्यार मोहब्बत और अपनेपन के ही भूखे होते हैं यदि आप किसी जानवर को प्यार करते हो तो यकीनन वह जानवर आपको भी प्यार करेगा वह चाहे चूहा  बिल्ली हो , कुत्ता हो ,घोड़ा हो ,भैंस और बकरी हो गए हो कोई भी जानवर हो जिस पर जानवर से आप प्यार करेंगे तो आपको बदले में प्यार ही देगा

 बिल्ली और चूहे के जीवन में कैसी घटनाएं घटित हुई एक परिवार में रहने के बावजूद इस विषय में यह कहानी है और इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है कि समाज बिल्ली तथा चूहे जैसे जानवरों को भी प्यार करें उन्हें अपने परिवार का हिस्सा बनाएं जिससे हमारे परिवेश में इनका भी वजूद बन सके और इनको भी एक बेहतर जीवन जीने का मौका मिल सके

कहानी अच्छी लगी हो तो या फिर इस कहानी से आपको कोई शिक्षा मिली हो तो लेखक के लिए दो शब्द लिखना ना भूलें धन्यवाद

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