akbar aur birbal ki kahani {Hindi Kahaniyan }:Hindi Story :

अकबर और बीरबल की कहानी [ घटनाक्रम -1 ] हिंदी कहानियां : हिंदी स्टोरी :akbar aur birbal ki kahani {Hindi Kahaniyan }:Hindi Story :

एक बार की बात है कि राजा अकबर सुबह सुबह उठकर अपने महल के बगीचे में घूम रहे थे और अपने बगीचों में ताजे फलों का मजा ले रहे थे तभी अचानक उनके सामने से एक ऐसा आदमी निकला जिसकी एक आंख नहीं थी अतः उसे राजा अकबर देखकर बहुत ही क्रोधित हुए और उसे वहां से जाने के लिए कह दिया और वह चला गया अतः राजा अपने महल की ओर लौट गए अब राजा के साथ बुरी बुरी घटनाएं होने लगी जिसका राजा ने अंदाजा भी नहीं लगाया था अतः राजा बहुत ही अंधविश्वासी था अचानक राजा जब महल की सीढ़ियों पर चल रहे होते हैं तब भी नीचे गिर पड़ते हैं और उन्हें चोट लग जाती है अब राजा अकबर को ऐसा लगता है की जिस आदमी से मैं सुबह मिला था वह  अपसगुनी  है अतः राजा अकबर क्रोध में होकर उस व्यक्ति को भरी सभा में लाने का उक्म  देते हैं और राज दरबार में आने के पश्चात  अंधे आदमी पर मुकदमा चलाने का हुक्म  भी दे देते हैं कुछ देर मुकदमा चलता है और उस अंधे आदमी को सजा ए मौत की सजा दे दी जाती है |

akbar aur birbal ki kahani
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अब यह सारा घटनाक्रम बीरबल को पता चलता है तो बीरबल को आश्चर्य होता है कि राजा अकबर साहब ऐसा क्यों कर रहे हैं आता है बीरबल इस घटनाक्रम को अपने नजरिए से राजा को समझाने का प्लान बना लेता है बीरबल राजा अकबर के पास जाता है और राजा अकबर से कहता है कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं तब राजा अकबर उसे अपने साथ हुई सभी घटनाओं को घटनाक्रम के रूप में बताता है और उसे बताता है कि यह आदमी मनहूस है क्योंकि मैंने इसकी सुबह शक्ल देखी और मेरे साथ अजीब अजीब चीजें होने लगी अतः जिस भी व्यक्ति ने इसकी शक्ल देखी वह यकीनन बहुत ही मुसीबत में पड़ जाएगा जब यह बीरबल ने सुना तब बीरबल ने कहा राजा अकबर आप कहते हैं कि वह आदमी आप अपसगुनी  हैं जिसकी वजह से मुझे कई बार तकलीफ से हुई |अब आप अपने आप को उस गरीब आदमी के की तरह  रख कर देखें की अगर आप उसकी जगह पर होते हैं तो क्या आप ऐसा करते हैं |


बीरबल ने राजा अकबर को समझाते हुए कहा की अगर राजा अकबर साहब आपने उस भिखारी की शक्ल देखी तो उस भिखारी ने भी आपकी शक्ल देखी होगी अब उस भिखारी के नजरिए से सबसे बड़े मनहूस तो आप हुए क्योंकि उस भिखारी को तो आपकी शक्ल देखने के बाद फांसी की सजा सुना दे गई अब आप ही बताएं राजा अकबर साहब की सबसे बड़ा मनहूस कौन है वह या फिर आप | बीरबल की इन बातों को सुनकरराजा अकबर की आंखों में आंसू आ गए अतः राजा अकबर ने बीरबल को सरकारी खजाने से कुछ संपत्ति दान दी और उसे सबसे अच्छा साथी बताते हुए उसकी खूब प्रशंसा दरबार में की गई जिससे बीरबल का नाम और भी प्रसिद्ध हो गया राजा अकबर ने उस अंधे भिखारी को कारागार से मुक्त करने का हुक्म दिया जिसके पश्चात उस अंधे भिखारी को कारागार से निकाला गया और उसे सरकारी खजाने से कुछ संपत्ति देकर भेज दिया गया जिससे वह अपना जीवन सुखमय बना सके |

निष्कर्ष -इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है दोस्तों की इस दुनिया में कोई मनहूस है या फिर बुरा है इसका फैसला तुम नहीं कर सकते हो यदि आप किसी को मनहूस कहते हैं तो यकीनन आप भी उस व्यक्ति के लिए मनहूस ही होंगे इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है की हमें किसी को बुरा या भला कहने की जरूरत नहीं है क्योंकि यदि कोई व्यक्ति आपका बुरा करता है तो उसका भी कुछ ना कुछ बुरा अवश्य होगा यह बात लिखित है यही संसार का नियम है जो इस दुनिया को चलाता है यदि इस कहानी से आपको और भी कोई शिक्षा मिलती है तो आप अपना मत नीचे कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें धन्यवाद

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